देषाउली मान्ग्बुरु गोवारी

ओंग.... जोअ ...रा.......तींग दोम!
ओंग...गोरम गैशिरी, देषाउली, माबुरु, पौऊणि, जएरा, गोवाँ वोंगा, नागे एरा-बिंदी एरा को सरी दडे के ते होयो, : सेंगेल, हिंदुद, आर कोनोयोंग। ।

ओंग वहरांग दडे रूप ऍम, आईदा होड़ो हो सोका, हिरला गे... मान्ग्बुरु वोंगाबुरु को हिरला हिरला गे वहारंग दडे सिरमा सरी सिंग्वोंगा। ।

ओंग वहरांग दडे रूप लिटा, गोसंज वोंगा सिंगरय, हिरला गे..दुपहुब दिशुम मरंग वोंगा हिरला गे...चनाला दिशुम मरंग वोंगा। ।

तिसिंग नाले चिरु चारी: शिरुंग जंग मनमी होनको पयते सुकू सुमुकी दिशुम बनाई नंग आले जोवारिअमे रिंगे बिरंजी, नुब: कोदो नुदुर अतोमे.. मे। ।

लुकु लुकुमी कुल्गीय सरी शिरुंग पूंजी होनको तिसिंग अडो:तान हेन्दे नूम नुब: तला कोयते आदि दोरोम दोष्तुर कोरे सेकोर रुआ लेम। ।

ओत अंतल, ओत गुमी, ओत मुलुक दिशुम हतु दिह टाटा, रोगो जुगिया, हसू दुकु, हिषा चेंटा कोरे तेगेन बनाई, पंडा पीड़ा कोयते दू:रुआ लेम। ।
ओंग ..... वहारंग....... जोअ रम तिंग दोम.

लेखक : बोयो गागराई

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